आचार्य राम चंद्र शुक्ल लाइब्रेरी, विद्यालय में बेटियों को मिल रही शिक्षा

आचार्य रामचन्द्र शुक्ल का जन्म वर्ष 1884 में शरद पूर्णिमा पर बस्ती जिले के अगोना नामक गांव में हुआ था।
पिता पंडित चंद्रबली शुक्ल की तैनाती सदर कानूनगो के पद पर मीरजापुर में होने के कारण सपरिवार रहने लगे।
हिंदी साहित्य के गौरव एवं समालोचक आचार्य रामचंद्र शुक्ल की 139वीं जयन्ती उनके जन्मस्थली अगौना में संचालित आचार्य रामचंद्र शुक्ल बालिका इण्टर कॉलेज में मनाई गई।
ज्ञान का उजाला फैला रही
आचार्य राम चंद्र शुक्ल लाइब्रेरी, विद्यालय में बेटियों को मिल रही शिक्षा
इस प्रवर्धित दिशा में आचार्य रामचन्द्र शुक्ल ने सृजन भूमि के साथ आलोचना की परम्परा को विराट क्षितिज से समृद्ध किया
आचार्य रामचन्द्र शुक्ल, जो हिंदी साहित्य के एक प्रसिद्ध आलोचक, इतिहासकार और निबंधकार थे,
का निधन 2 फरवरी 1941 को हृदय गति रुक जाने से हुआ था।
2 फरवरी 1941 को हृदय की गति रुक जाने से शुक्ल जी का देहांत हो गया।