दिग्गज उद्योगपति रतन टाटा का पिछले साल अक्टूबर में निधन हो गया था।

दिग्गज उद्योगपति रतन टाटा का पिछले साल अक्टूबर में निधन हो गया था।
अपनी वसीयत में उन्होंने अपने साथ काम करने वाले हर छोटे-बड़े शख्स का ख्याल रखा है। यहां तक कि वह अपने पड़ोसी का लोन भी माफ करके गए हैं।
साथ ही अपने जर्मन शेफर्ड टीटो के लिए भी 12 लाख रुपये छोड़ गए हैं।
रतन टाटा ने अपनी वसीयत में स्टाफ के लिए छोड़े 3.5 करोड़ु रुपये
घर में काम करने वाले लोगों को काम के वर्षों के हिसाब से मिलेंगे पैसे
पार्ट-टाइम हेल्पर्स और कार क्लीनर्स को भी 1-1 लाख रुपये मिलेंगे
शांतनु नायडू और पड़ोसी समेत कई लोगों का लोन कर दिया है माफ
दिवंगत उद्योगपति रतन टाटा कितने दरियादिल इंसान थे,
इसका पता उनकी वसीयत से चलता है।
उन्होंने अपने घर में काम करने वाले लोगों और ऑफिस के कर्मचारियों के लिए करीब 3.5 करोड़ रुपये छोड़े हैं। इनमें कार साफ करने वाले से लेकर चपरासी तक शामिल हैं।
उन्होंने अपने कर्मचारियों और यहां तक कि एक पड़ोसी को दिए गए लोन भी माफ कर दिए हैं।
रतन टाटा का पिछले साल अक्टूबर में निधन हुआ था।
उन्होंने अपनी वसीयत के एग्जीक्यूटर्स को निर्देश दिया कि वे उनके घरेलू नौकरों को उनकी सेवा के वर्षों के अनुपात में 15 लाख रुपये बांटें।
साथ ही पार्ट-टाइम हेल्पर्स और कार क्लीनर्स को भी 1 लाख रुपये देने को कहा है।
उनके सभी कपड़े गैर सरकारी संगठनों को दिए जाएंगे ताकि वे उन्हें जरूरतमंदों में बांट सकें।
टाटा Daks, Polo, Brooks Brothers, Brioni और Hermes जैसे ब्रांड्स के कपड़े पहनते थे।
